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मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना

गहलोत सरकार होशियार छात्र-छात्राओं को करवाएगी कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी; एक साल की कोचिंग फीस के साथ हॉस्टल फीस और खाने के लिए देगी आर्थिक सहायता

राजस्थान की गहलोत सरकार अब राज्य के होशियार (मेधावी) छात्र-छात्राओं को कम्पटीशन एग्जाम की तैयारी करवाएगी। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत ये सुविधा दी जाएगी। इसमें विद्यार्थियों की कोचिंग फीस के अलावा रहने-खाने का भी खर्च सरकार उठाएगी। इस योजना से हर वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मौका दिया जाएगा।

इस योजना में वे विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रूपए प्रतिवर्ष से कम है। किसी भी छात्र-छात्रा को इस योजना का लाभ केवल 1 वर्ष की अवधि के लिए देय होगा। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा, राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, सब-इंस्पेक्टर एवं 3600 ग्रेड पे या पे-मैट्रिक्स लेवल-10 से ऊपर की अन्य परीक्षा, रीट, राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित ग्रेड पे-2400 या पे-मेट्रिक्स लेवल-5 से ऊपर की परीक्षा, कॉन्स्टेबल परीक्षा, इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा तथा क्लैट परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

परीक्षार्थियों की मेरिट का निर्धारण 12वीं अथवा 10वीं के प्राप्तांकों के आधार पर किया जाएगा। एसटी वर्ग के लिए योजना का संचालन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग एवं एससी, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा किया जाएगा। ये विभाग जिलावार लक्ष्य निर्धारित कर विद्यार्थियों की मेरिट के अनुरूप चयनित संस्थानों के माध्यम से कोचिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। छात्र-छात्राओं के चयन के समय यह प्रयास किया जाएगा कि लाभार्थियों में कम से कम 50 प्रतिशत छात्राएं हों।

अपना आवास छोड़कर अन्य शहर के प्रतिष्ठित संस्थान से कोचिंग प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भोजन एवं आवास के लिए 40 हजार रूपए प्रतिवर्ष अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के संचालन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग नोडल विभाग होगा। यह विभाग प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों एवं अन्य संस्थानों के एम्पेनलमेंट का काम भी करेगा।